**हदों को लांघता अंधविश्वास इंसान भले ही चाँद पर क्यों न पहुच गया हो लेकिन समाज मे न तो तंत्र मन्त्र का ढोंग करने वालों की कमी है और न ही अंध विश्वास करने वालो की. सहारनपुर मे एक काली बिल्ली का खोफ कुछ एस तरह फे़ला की लोगों ने बंगाल से हजारों खर्च करके तांत्रिकों की एक टीम बुलवा ली. उन्होंने लोगो का जमकर पागल बनाया. आफत और अफवाओ ने पुलिस के भी होश उडा दिए. अंधविश्वास का आलम यह था की लोगों ने दारुल उलूम के मुफ्ती आरिफ कासमी व सहर काजी की अपील को भी नहीं माना. ढोंगी तांत्रिकों ने कई बकरों व मुर्गों की भी बलि दे डाली. उन्होंने एक लड़की को जबरन मुर्गे का खून कटोरे मे डालकर पीने पर मजबूर किया. काली बिल्ली के साये से बचने को लोगों ने महंगाई के इस दोंर मे १० कुंतल सरसों सड़कों पर बिखरवा दी. आखिर पुलिस नींद से जागी और मुकदमा दर्ज करने के साथ ही बंगाली बाबावों की तलाश मे दबिसे दी तो वह भाग गए. अब काली बिल्ली का साया भी नहीं है. ये घटना सबूत ही एस बात का की हमारे देश मे अंधविश्वास की जड़ें किस हद तक मोजूद है. काली बिल्ली से साये को भगाने मे लोगों ने जीतना रुपया ढोंगी बाबावो पर खर्च क्या उतने मे ...
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**संसद मे भी नींद जरूरी....शर्मनाक..... दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद जहा जनता के चुने हुए नेता अपनी आवाज़ बुलंद करते है. अपने इतिहाश मे कई शर्मनाक पलों को समेटे हुए है. फिर भी हमारे नेता हरकतों से बाज़ नहीं आते. आज लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर संसद मे जमकर बहस हुई. बहस तेज आवाज़ मे हुई, कई बार सांसदों को शांत किया गया. ये तो मामूली बात हुई. इस सब शोर के बीच एक सांसद आराम की नींद सोते रहे. पता नहीं नेताजी ने जनता के लिये कितनी महनत की होगी की थककर जनाब को नींद ही आ गई. ये नेताजी बहस कर रहे कांग्रेस के जगदम्बिका पाल के ठीक पीछे थे. फोटो उनकी हकीकत बयां कर रहा है. जाहिर है उनके इलाके की जनता को अपने नेता की ये नींद पसंद नहीं आयगी.**
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बयान+महंगाई+आम जनता के आंसू = शरद पंवार केंद्रीय खाद व् उपभोक्ता मामलों में मंत्री शरद पंवार पता नहीं क्या कहते है? या तो वह अनजाने में बयान देते है या फिर उनकी वजह से दलालों और बिचोलियों को बड़ा फायदा हो रहा है. उनके बयान का बाजार पर तुरंत क्या फर्क पड़ता है और आम आदमी किस तरह से अपनी किस्मत और सरकार को कोसकर पिसता है शायद इसका उन्हें अंदाजा भी न हो. बेचारी आम जनता की बात को छोड़ भी दीया जाये तो उनके अपने ही उनके बयानों से खुश नहीं है. वह राज्यों की सरकारों और गेर दलों के निशाने पर है. उनकी वजह से पार्टी के गुब्बारे की हवा निकल रही है. महंगाई को रोकने में नाकाम सरकार अपनी विफलता को छिपा रही है. कभी शरद पंवार कहते है कि खाद पदार्तों की कीमत बढ सकती है, कभी कहते है कि दूध कि कीमत बढ सकती है. चीनी के दामों पर कहते है कि *मै कोई ज्योतीस नहीं जो बता सकू कि चीनी के दाम कब कम होंगे* एक वरिष्ट मंत्री ही यदि इस तरह का बयान दे तो क्या कहा जा सकता है. वेसे कमर तोड़ महंगाई सरकार पर तगड़ी बिजली बनकर गिरेगी. वेरोधी दल भी इसको मुद्दा बनायंगे. सरकारी आंकड़े ही खुद सरकार को चिड़ा रहे है. फिलहाल तो जरू...
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अब आए ऊंट पहाड़ के नीचे.......... पुरानी कहावत सामने आ रही है. दो ऊंट या सम्मानजनक सब्दों में अपनी दुनिया के बेताज नहीं "ताज वाले बादशाह" रुचिका कांड के आरोपी राठोर और लाखो लोगों की आस्था का किला बने संत आशाराम बापू गिरफ़्तारी से बचने के लिये घूम रहे है. मोह माया से लगाव न रखने वाले करोरों के स्वामी आशाराम बापू को एक मामले में अग्रिम जमानत देने से कोर्ट ने इंकार कर दीया है. उनकी गिरफ़्तारी का रास्ता बिलकुल साफ़ है. बाबा भगवान की सरन में है. इसी तरह वर्दी वाले गुंडे रुचिका कांड के आरोपी राठोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर अब उनकी गिरफ़्तारी भी हो सकती है. उम्मीद है जनाब को अब कोर्ट के बाहर हंसी नहीं आयगी. देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री में आरुषी के पिता तलवार उनकी पत्नी नुपुर तलवार एक बार फिर सी. बी. आई के निशाने पर है. आरुषी कांड यकीनन देश का अनोखा बड़ा केश है जीसने अपराध के बड़े बड़े जानकारों के दीमाग को हिलाकर रख दिया है. वह साजिश का इतना बड़ा सरताज है जो लाखों दीमाग से आगे की सोच रखता है. उसका रसूख भी है, दो़लत के बल पर वह किसी से भी जमीर को खरीदने की ताकत रखता है. अरुषी के ख...
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इंसाफ तो कटघरे में डरकर कांप रहा है. इस वर्दी वाले गुंडे का चेहरा जरा गोर से देखीये. कोर्ट के बाहर ये बड़ी अजीब हंसी हंस रहा है. क्या कोई सजा पाने वाला मुजरिम इस तरह हँसता है? नहीं, लेकिन वो हँसता है जिसकी हार में भी जीत हो. यक़ी नन ये जनाब हरियाणा पुलिस के पूर्व डी.जी.पी एस. पी. एस. राठोर है. इन्हे टेनिस खिलाडी रुचिका गिरहोत्रा से १२ अगस्त १९९० में अश्लील हरकतों और आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में ६ महीने की सजा हुई है. रुचिका गिरहोत्रा की उम्र केवल १४ साल थी. परेशान होकर रुचिका गिरहोत्रा ने २९ दिसंबर १९९३ को मोत को गले लगा लिया था. कोई अपनी सांसों की डोर यू ही नहीं नोचता. उसने ये कदम तब उठाया जब राठोर शिकायत वापसी न होने पर गुंडागर्दी पर उतर आये. इस बाला को स्कूल से निकाल दीया गया. उसके पिता को नोकरी से और इकलोते भाई को जेल जाना पड़ा. उसके खिलाफ १ दर्जन मुकदमे दर्ज करा दिए गए. घर भी संगीनों के साये में आ गया. रुचिका इस सब से हार गई और मोत का रास्ता चुन लिया. घटना के वक्त राठोर आई. जी. थे. हरियाणा की ओम प्रकाश चोटाला सरकार का पुलिस विभाग के दामन को दागदार करने वाले राठोर पर दि...
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आसाराम बापू संत है या भूमाफिया? आसाराम बापू... जी हाँ! आसाराम बापू एक एसा नाम जिसको सुनते ही लोग सम्मान से सिर झुका देते है आज उसी नाम को विवादों मे घसेटा जा रहा है. कोई उन्हें जमीन हड़पने वाला बता रहा है तो कोई भू- माफिया कह रहा है. कहते है साधू संतों का मोह, माया और स्वाद से कोई काम नहीं होता लेकिन यहाँ तो उलटी गंगा बह रही है. भक्ति का बाबा बाजार हमारे देश मे खूब फल फूल रहा है. धर्म और आस्था के नाम पर जनता हमेसा से लुटती आयी है. बस जनता की नब्ज टटोलने वाली शातिर उंगलिओ की जरूरत होती है. आसाराम बापू पर ६५ हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्ज़ा करने का आरोप है. कोर्ट ने जमीन को कब्ज़ा मुक्त करने के आदेश दिए है. इसके बाद गुजरात सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है और नोटिस दे दिया है. शिकायतकर्ता कई साल से जंग लड़ रहा था, लेकिन बापू तो बापू थे. बापू के आश्रम पर आरोपों की लिस्ट लम्बी है. काला जादू और बच्चों के योन उत्पीडन के आरोप जग जाहिर है. बापू अपने ४० साल के भक्ति सफ़र में आज करोड़ों के मालिक है. अपनी दोलत का अंदाजा शायद उन्हें खुद भी ना हो क्योकि आरोप लगते ही वह उसे भक्तों की बता सकते है. उनकी सोह...
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खतरनाक मंसूबा तो नहीं था ना_पाक के राणा का? अमरीका में गिरफ्तार खुंकार आतंकवादी संगठन लश्कर- ए- तयबा का पाकिस्तानी मूल का कनेडियन नागरिक आतंकवादी तहवुर राणा जरायम के लिये बदनाम हो रहे पश्चेमी उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ भी आया था. ये राजफास होते ही हमेशा की तरह देर से जागने वाले खुफिया विभागों के कान खड़े हो गए है. इतना ही नहीं वह अपनी पत्नी समराज अख्थर के साथ हापुड़ और आगरा भी गया था. उसने अपनी नापाक नीगाहों से खूबसूरती की मिसाल ताज को देखा. तहवुर राणा आगरा के होटल वीरेन इंटरनेशनल के रूम नंबर १०१ में ४ लोगों के साथ रुका था. आगरा के डीआइजी आदित्त्ये मिश्रा भी इसकी पुष्टि करते है. नेशनल इन्वेस्तीगेसन एजेंसी और ए.टी.एस मेरठ और आगरा में डेरा डालकर जाँच में लगी है. मुंबई हमलो से पहले लश्कर आतंकी हेडली को मेरठ से मेल किये जाने का भी पता चला है. लेकिन उसको मेल करने वाला कोन था और उसका मकसद क्या था इसका अभी पता नहीं चल रहा है. साइबर अपराध से जुड़े लोग जाच कर रहे है. वसे आतंकवादियो से मेरठ का रिस्ता कोई नया नहीं है. सालों पहले इसकी नीव अब्दुल करीम और सलीम पतला ने डाल दी थी एन दोनों को ही आज तक पक...