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परिवार के झगड़े पड़ रहे हैं जिंदगी पर भारी, बढ़ते सुसाइड केस

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परिवार के झगड़े जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। यूपी में एक युवा आईपीएस ने जहर खाया। वह जिंदगी की जंग हार गया। पत्नी ने जमाष्टमी पर भी नॉनवेज मंगाकर खाया जबकि पति को यह पसंद नहीं था। एक साधारण परिवार का लड़का विधवा श्माँश् को अपने पास रखना चाहता था। अपनी उन बहनों व भाई के लिए भी कुछ करना चाहता था जिन्होंने उसे इस मुकाम पर पहुंचायाए लेकिन डॉक्टर पत्नी ऐसा नहीं चाहती थी। पत्नी को ससुराल पसंद नहीं था। एक माँ अपने बेटे की आवाज सुनने को तरसती थी। एकण्एक पैसा जोड़कर उन्होंने उसे पढ़ाया था। श्स्टेटसश् की रेखा दीवार बनी थी। होनहार बेटा सुरेंद्र कुमार दास बुरी तरह टूट गया। यह किसी एक परिवार या व्यक्ति का किस्सा नहीं है। हर पल किसी न किसी परिवार में यह सब चल रहा होता है। समाज में लोगों की यह प्रवृत्ति बन गई है कि उन्हें शादी के लिए लड़का तो अच्छा चाहिएए लेकिन वह उन अपनो से रिश्ता न रखे जिन्होंने उसे पैदा कियाएपढ़ाण्लिखाकर किसी काबिल बनाया। लड़का इकलौता होए तो नजरें ज्यादा ठहरती हैं। लड़का बुरी तरह से पिसता है। मुकदमे में फंसाने की धमकिया अलग होती हैं। अकेले बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है। घरों ...

निर्भया केस समाज को भी सबक जरूरी

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-देवकी शर्मा देश के बहुचर्चित व वीभत्स निर्भया दुराचार कांड में 5 मई, 2017 को सर्वाेच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के बाहुबली फैसले के साथ बेटी के दर्द को बेहद करीब से महसूस करने वाले पीड़िता के उन माता पिता की भी तारीफ होनी चाहिए जो इंसाफ की आस में टकटकी लगाये हौंसले व हिम्मत से दुश्वारियों के बीच डटे रहे। तीन जजों की बेंच जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण ने घृणित अपराध को न सिर्फ सदमे की सुनामी बताया. बल्कि कहां की इस मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती। जिस तरह से अपराध हुआ है वह एक अलग दुनिया की कहानी लगती है।  जो कुछ निर्भया के साथ हुआ वह किसी सभ्य समाज की हकीकत, तो नहीं था। यकीनन ऐसे फैसलों से बेटियों को शिकार बनाने वाले हैवानों में डर पैदा होगा. बलात्कार, छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, महिला अत्याचार, लिंगभेद या फिर यौन शोषण चाहे जो नाम दीजिए महिलाओं व लड़कियों को ही इसका सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति हर किसी के लिए चिंताजनक है। बड़ा सवाल भी है कि ऐसे लोगों को तब अपनी मां, बहन और बेटी का ख्याल क्यों नहीं आता, जब वह किसी को अपनी हवस का शिकार बना रहे होते हैं। ...