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शुक्रवार, नवंबर 27, 2009

खतरनाक मंसूबा तो नहीं था ना_पाक के राणा का?
अमरीका में गिरफ्तार खुंकार आतंकवादी संगठन लश्कर- ए- तयबा का पाकिस्तानी मूल का कनेडियन नागरिक आतंकवादी तहवुर राणा जरायम के लिये बदनाम हो रहे पश्चेमी उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ भी आया था. ये राजफास होते ही हमेशा की तरह देर से जागने वाले खुफिया विभागों के कान खड़े हो गए है. इतना ही नहीं वह अपनी पत्नी समराज अख्थर के साथ हापुड़ और आगरा भी गया था. उसने अपनी नापाक नीगाहों से खूबसूरती की मिसाल ताज को देखा. तहवुर राणा आगरा के होटल वीरेन इंटरनेशनल के रूम नंबर १०१ में ४ लोगों के साथ रुका था. आगरा के डीआइजी आदित्त्ये मिश्रा भी इसकी पुष्टि करते है. नेशनल इन्वेस्तीगेसन एजेंसी और ए.टी.एस मेरठ और आगरा में डेरा डालकर जाँच में लगी है. मुंबई हमलो से पहले लश्कर आतंकी हेडली को मेरठ से मेल किये जाने का भी पता चला है. लेकिन उसको मेल करने वाला कोन था और उसका मकसद क्या था इसका अभी पता नहीं चल रहा है. साइबर अपराध से जुड़े लोग जाच कर रहे है. वसे आतंकवादियो से मेरठ का रिस्ता कोई नया नहीं है. सालों पहले इसकी नीव अब्दुल करीम और सलीम पतला ने डाल दी थी एन दोनों को ही आज तक पकड़ा नहीं जा सका है. उनके पाकिस्तान में होने की सम्भावना जताई जा रही है. आतंकवादी आते है और आराम से चले जाते है. देश में कही भी आतंकवादी घटना हो उसके तार पश्चेमी उत्तर प्रदेश से जरूर जुडते है. पश्चिम के कई जिलों मे आतंकवादिओं का गहरा नाता है. साल में आधा दर्जन से भी अधिक आतंकवादिओं की गिरफ्तारी अक्सर चोकाती है. आतंकवादिओं की सक्रियता पर अंकुश लग पायेगा एसा संभव नहीं लगता. तहवुर राणा जेसा आतंकी आया और चला गया उस जेसे न जाने कितने आते है. ये अलग बात है की पता ही नहीं चलता. खतरनाक बात ये है की तहवुर राणा का आखिर मेरठ और आगरा जाने का मकसद क्या था. **नितिन सबरंगी

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