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शुक्रवार, मई 30, 2014

नरेन्द्र मोदी का नायक बनना
-नितिन शर्मा ‘सबरंगी’
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में जनता ने उम्मीदों से नरेन्द्र मोदी को अपना नायक चुना। आस्था, विश्वास व अपेक्षा के माहौल में यकीनन चमत्कारी व ऐतिहासिक करवट रही। बात राजनीति की नहीं उन हालातों की है जिनसे देश गुजर रहा था। जनता को कठपुतली बनाकर जले पर नमक डाला जा रहा था। बयानबाजियों में अंहकार व गुरूर झलकता था। यदि ऐसा नहीं होता, तो जनता तख्ता पलट क्यों करती ? यूं भी जनता किसका तख्ता पलट दे कोई नहीं जानता, मौका मिलते ही वह गलतफहमी दूर कर देती है क्योंकि वक्त के बाद व
ही सबसे बड़ी ताकत है। 55 करोड़ 10 लाख मतदाताओं ने इसे साबित भी कर दिखाया। समझ आ गया होगा कि जनता किसी की गुलाम नहीं होती! जिनकी गलतफहमी दूर हुई है वह मंथन करें कि लोकसभा-2014 में इतिहास ने आखिर करवट क्यों ली? नेताओं को सत्ता के गुरूर, मनमानी, भ्रष्टाचार के कीर्तिमान, झूठे किले खड़े करके सिंघासन सजाने की गलतफहमी
से निकल जाना चाहिए। त्रस्त जनता के बीच नरेन्द्र मोदी अनोखी छवि बनाकर उभरे ओर दिलों पर छा गए। लोगों ने पार्टी को नहीं व्यक्ति का चुनाव किया। युवाओं ने उन्हें पसंद किया। वह मिसाल भी हैं कि मेहनत व संघर्ष से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। अब सत्ता मिल गई है, तो जाहिर चुनौतियां भी बड़ी हैं। पूरे देश की निगाहें माननीय प्रधानमंत्री पर हैं। उसने बड़ी उम्मीदों से सत्ता दी है। अब सरकार का कामकाज उसका भविष्य भी तय करेगा। किसी भी देश का प्रधानमंत्री जनता के लिये नायक होता है। विश्व पटल पर देश की ताकत व छवि बनाता है। जनता उम्मीदों के चिराग रोशन रखती है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजनीति से ऊपर उठकर जनता के फैंसले का सम्मान करते हुए कहा कि देश विश्व में एक ताकत के रूप में उभरेगा। विश्व शक्ति बने अमेरिका के बराक ओबामा को भी कहना पड़ा कि-‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने आपको निर्णायक जनादेश दिया है। मुझे उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा’ दूसरी तरफ पाकिस्तान समेत खाड़ी देश मोदी से डरे हुए थे अब उनमें ओर ज्यादा बेचैनी हैं। ना-पाक मुल्क की अमन व इंसानियत से पुरानी दुश्मनी है। कट्टरपंथी ताकतें विचलित हैं। ठीक है ऐसा डर बना भी रहना चाहिए। ऐसी ताकतों को लगना चाहिए कि उनको मुंहतोड़ जवाब देने वाला आ गया है। हिन्दुस्तान की जनता भी यही चाहती है, क्योंकि उसे सख्ती की कमी अभी तक अखरती रही थी। हर भारतीय की तरह मेरी भी कामना है कि देश ताकत, अमन व विकास के नए आयाम स्थापित करे। जय हिन्द! जय भारत!