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रविवार, अगस्त 18, 2013

खूंखार बम एक्सपर्ट टूंडा जैसे कितने गद्दार?
मोस्ट वांटेड खूंखार आतंकवादी बम बनाने का एक्सपर्ट अब्दुल करीम उर्फ टूंटा आखिर पकड़ा गया। यह वह हैवान है जिसने देश के कई हिस्सों में आतंकवाद के बीज रोपे। आतंक की पैदाईस में इसका बहुत बड़ा हाथ रहा है। हैरत यह कि रेड
कॉर्नर नोटिस के बाद भी यह पहली बार गिरफ्त में आया। पत्रकारिता के सफर में अब्दुल करीम उर्फ टूंडा पर मुझे कई बार लिखने का मौका मिला। हिन्दुस्तान में ही जन्मे इस नापाक गद्दार
के इरादे शुरू से ही खतरनाक रहे थे। खून-खराबा, हिंसा उसे पसंद थी। बम बनाते वक्त हुए एक विस्फोट में इसका हाथ उड़ गया तभी नाम टूंडा पड़ा। भारत में सीरियल बम धमाकों के बाद यह बंगलादेश के रास्ते पाकिस्तान भाग गया था। कोई दोराय नहीं कि यदि हिन्दुस्तान में ऐसे हैवान न हो तो पाकिस्तान की औकात इतनी नहीं कि वह हम पर चोट कर सके। कभी चिकित्सक रहे टूंटा का शुरू से ही देश को आतंकवाद की आग में झोंकने का मकसद रहा। चार भाषाओं पर उसकी पकड़ है। गिरफ्तारी के वक्त भी इस आतंकी की नजरों का अंदाज बेहद शातिराना था। 70 साल की उम्र में भी यह भारत की तबाही का ख्वाब देख रहा था। इस शातिर ने कई बार अपनी मौत की झूठी खबरें फैलवाई। दिल्ली पुलिस के सीपी एस0एन0 श्रीवास्तव ने उसकी गिरफ्तारी का खुलासा किया। कोई दोराय नहीं कि यह पुलिस के साथ हर हिन्दुस्तानी के लिये बड़ी सफलता है। कानूनी मजबूरियां न होती, तो शायद इस आतंकी को सजा बिना इंतजार के लिये गई होती। ऐसे गद्दारों ने जो जख्म लोगों को दिये हैं शायद ही वह कभी भर सकें। जरूरत ऐसे ओर गद्दारों को खोजने की भी है। वरना जख्म देने की नापाक हिम्मत होती ही रहेगी।