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शनिवार, अगस्त 25, 2012


मौत पर खत्म नेताओं से रिश्तों का सफर
महत्वाकांक्षी लड़कियों को दौलत शोहरत का नशा -समाज में भरे हुए हैं कई गोपाल कांडा 
रसूखदार नेता व उद्योगपति गोपाल कांडा को लेकर अपनी सांसों की डोर तोड़ने वाली गीतिका शर्मा की मौत ने उन चेहरों को बेपर्दा किया है जो उजले रहते हैं। इसके साथ ही फिजा, शहला मसूद, भंवरी देवी, मधुमिता, कविता चौधरी, शिवानी भटनागर व नैना साहनी जैसे बहुचर्चित कई मामले ताजा हो गए हैं। ख्वाहिशें लड़कियों को जिस जन्नत में ले जाती हैं, वहां वापसी के दरवाजे नहीं होते। तेजी से उड़ान भरने के सपने कभी-कभी खूनी हो जाते हैं। ऐसे विकास की कीमत चुकानी पड़ती है। सभी में खूबसूरत युवतियों का नेताओं से रिश्तों का सफर मौत की दहलीज पर जाकर खत्म हुआ आखिर क्यों? यह चकाचौंध भरे बदलते समाज की हकीकत है। दरअसल कुछ युवतियां भी थोड़े वक्त में वह सब पा लेना चाहती हैं जिसके लिये मेहनत वालियां सालों तरसती रहती है। उनकी जल्द प्रगति राज रहती है। शायद मतलब निकलते तक। बाद में उनकी कहानी भयानक अंजाम के रूप में सामने आती है। रंगीनमिजाज नेता पैसे का जाल फेंकते हैं जिसमें जाल फंस जाता है। अति महत्वाकांक्षा के साथ शार्टकट से पैसा, शोहरत व दौलत की चाहत भी युवतियों को ताकतवर नेताओं के करीब ले जाती है। इसके पीछे उनकी इस सोच का हाथ होता है कि पैसे व रसूख के आगे सब नतमस्तक हो जाते है। नशे में चूर राजनीतिज्ञ भी उनकी सोच का फायदा उठाते हैं। स्त्री को गुलाम समझने की उनकी मानसिकता प्रबल होती है।  
न जाने कितने ऐसे भी मामले होते हैं जो रसूख के बल पर पर्दे के पीछे ही दफन कर दिये जाते हैं। हकीकत यह है कि जो घटनाएं हुई हैं वह समाज के लिये बड़ा सबक हैं। महत्वाकांक्षाएं इंसान को कभी-कभी मौत के दरवाजे तक ले जाती हैं। ऐसे सभी मामलों में अदालत से इंसाफ की दरकार है। फिर कोई जान न गवांए इसलिए मुद्दा सामाजिक बहस का है। कानून का काम घटना के बाद शुरू होता है। यह सिलसिला थम जायेगा इसमें संशय नजर आता है। 

3 टिप्‍पणियां:

pawan kumar ने कहा…

sir acha likha hai. ye ladkeyon ki unchi udan ka nateeja hai. keya unke mata peta ki nahi dikhta ki ladki kanha ja rahi hai? sabkuch ekdam to nahi ho jata.

pawan kumar ने कहा…

sir acha likha hai. ye ladkeyon ki unchi udan ka nateeja hai. keya unke mata peta ki nahi dikhta ki ladki kanha ja rahi hai? sabkuch ekdam to nahi ho jata.

yogender chauhan ने कहा…

jeyada hawa me udna bbhi achi baat nahi hoti. netayo ka kuch nahi bigadta. kanda ke bure din suru ho gaye.usko badi saja ki jaroorat hai.