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रविवार, जनवरी 24, 2010

**संसद मे भी नींद जरूरी....शर्मनाक.....

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद जहा जनता के चुने हुए नेता अपनी आवाज़ बुलंद करते है. अपने इतिहाश मे कई शर्मनाक पलों को समेटे हुए है. फिर भी हमारे नेता हरकतों से बाज़ नहीं आते. आज लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर संसद मे जमकर बहस हुई. बहस तेज आवाज़ मे हुई, कई बार सांसदों को शांत किया गया. ये तो मामूली बात हुई. इस सब शोर के बीच एक सांसद आराम की नींद सोते रहे. पता नहीं नेताजी ने जनता के लिये कितनी महनत की होगी की थककर जनाब को नींद ही आ गई. ये नेताजी बहस कर रहे कांग्रेस के जगदम्बिका पाल के ठीक पीछे थे. फोटो उनकी हकीकत बयां कर रहा है. जाहिर है उनके इलाके की जनता को अपने नेता की ये नींद पसंद नहीं आयगी.**

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