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सोमवार, अक्तूबर 20, 2008

लेखन


******लेखन क्या है?******
लेखन एक
तपस्या है.
जिसमे लेखक को
तपना पड़ता है।
तब कही शब्द
कुन्दन बनते है।
-नितिन सबरंगी

5 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

bilkul sahi kaha aapne aap jese shabd shilpi ko slaam

Abhishek Prasad ने कहा…

mere khyaal se lekhan mohabbat ki tarah hai aur lekhni aapki premika.... jitna isse pyar kijiyega ye bhi aapko utna hi chahegi...

नारदमुनि ने कहा…

narayan narayan

विजय प्रकाश सिंह ने कहा…

बहुत अच्छी बात कही है आपने , धन्यवाद ।

Suman ने कहा…

nice